Saturday, 7 March 2015

मै प्यार नहीं करता ऊनसे,
ना वोह मुझसे,
पर ना मै ऐतबार करता हुं इस बातसे,
ना वोह मुझसे। (१)

कोईभी रंग उसपे बखुबी खुलता है,
पर गजबकी बात तब है,
जब वो अपनेही रंगमे घुलता है । (२)

मेरी कमजोरी उन्हे पता चल चुकी है,
अब वोह बोलते नहीं कुछ,
बस मुस्कुरा देते हैं। (३)

मैं नहीं जानता की तुम मेरे कौन हो,
बस इतना पता है,
बिन तेरे मैं मैं नहीं रहता।
लोग भी कहते हैं,
तु बोल रहा है कुछ,
और तेरा चेहरा कुछ है कहता। (४)

मेरी आवारगीका तुझपेभी असर होने लगा है,
अब तुभी दुनियासे बेखबर,
और मिलनेकेलिए बेसब्र होने लगा है । (५)

काश खुदाने मुझेभी इतना खुबसुरत बनाया होता,
तो मेरी तरह, तुनेभी मुझे अपने दिलमे छुपाया होता । (६) 

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