आईने को समझनेमे गलती कर दी मैने,
वो मेरी हकीकत बयां कर रहा था,
और मै किसी औरको मुझमे देख रहा था .......GC
उसने पुछा, क्या ख्वाबोमेभी हमे हि देखते हो,
कैसे कहे उसे के,
निंद जागनेकेलीये उसकी याद हि काफी है .....GC
वो मेरी हकीकत बयां कर रहा था,
और मै किसी औरको मुझमे देख रहा था .......GC
उसने पुछा, क्या ख्वाबोमेभी हमे हि देखते हो,
कैसे कहे उसे के,
निंद जागनेकेलीये उसकी याद हि काफी है .....GC
No comments:
Post a Comment