Friday, 27 March 2015

आईने को समझनेमे गलती कर दी मैने,
वो मेरी हकीकत बयां कर रहा था,
और मै किसी औरको मुझमे देख रहा था .......GC


उसने पुछा, क्या ख्वाबोमेभी हमे हि देखते हो,
कैसे कहे उसे के,
निंद जागनेकेलीये उसकी याद हि काफी है .....GC

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