कोई और नशा, क्या नशा दे पाएगा,
जो तेरी आंख के आंसू पिनेसे मिल जाएगा .....GC
ये मौसम का जादू है, या तेरी चाहत का असर,
हर बातमे अब जिंदगी नजर आती है ......GC
कितना असर है, तुम्हारे आसुओमे,
जिन्होने अंदरसे पिघला दिया मुझे,
बारीश कि बुन्दोमे वो असर कहा,
जो बस भिगोके चले गये .......GC
तुम्हे देखना है तो, आंखे बंद करनेकी देरी है,
मिलता हुं इसलिये, कि तुम्हे पढ सकू ......GC
तेरी तस्वीर मैं, लफ़्जोमे उतारता हुं,
लोग इसेही शायरी कहते है शायद ......GC
तुम्हारे डर का जवाब नही है मेरे पास,
पर क्या इतना काफी नही कि, तुम मेह्फुझ हो मेरे साथ .......GC
प्यारमे इतनी बेसब्री अच्छी बात नही,
बेकरारिका मौका कभी हमे भी दिया करो .......GC