इसे तुम प्यार समझो या मेरी कमजोरी फराज,
अब नींद भी जागती है तो बस तुम्हे सोचते …. (१)
तुम कहते हो, तुम्हे प्यार नही मुझसे फराज,
शिकायत तब होती, अगर ऐतबार न होता मुझसे …. (२)
तुमसे प्यार का इक्बाल ए जुर्म कर दिया हमने फराज,
अब सजा दो या वफा, तुम्हारी मर्जी …. (३)
दो बुंद क्या निकले उसकी आंखोंसे फराज,
यहां तो बारीशोके जमाने आ गये …. (४)
Wah wah..
ReplyDeleteOne question: Aitabaar muzhase Ki muzape? Ki donhi chalata?