Tuesday, 20 October 2015



तेरा तसव्वुर :

बरंसोसे छिपे हैं कुछ ख्वाब सिने मे,

तेरे आनेसे उन्हे थी जंमी मिल गयी,

तुझे देखा पहली बार और समझ आयी ये बात,

मेरी शायरीमे क्या थी कमी रह गयी,

यु तो बाते बनाना कोई बडी बात नही मेरे लिये,

पर तेरे आनेसे जुबां थमी रह गयी,

खामोश लफ़्जोको कैसे समझाऊ ये बात,

क्या मुहोब्बतमे मेरे कमी रह गयी,

ना मिलते हो तुम, ना तुम्हारा तसव्वुर कही,

अब जीनेकेलीये तुम्हारी यादें

और उन यादोमे बस तुम्ही रह गयी …. 

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