Tuesday, 20 January 2015

जो जी मे आए कहले मुझे,
मेरी नियत पे ना शक करना कभी,
मै युही मर जाऊंगा तु कहे तो, 
मेरे प्यार का इम्तहान ना लेना कभी


एक अनकही सच्चाई है मौत,
फिर क्यो मरनेसे डरते है लोग,
जिंदगी तो बस एक पहेली है,
फिर भी जिने के लिये क्यो मरते है लोग.



रेत की दिवार से घर नही बनते,
टूटी हुई नाव से किनारे नही मिलते,
दोस्त बिगडा है तो क्या हुआ, उसे मनाओ,
कहदो साले, तेरे बगैर मेरे दिन नही कटते. 


सुना था दोस्तीकी ना जमी होती है ना आसमां,
पर तुमसे मिलके, उसकी हदोको जान गया मै,
सवाल ये था की, क्या मेरी आह गलत थी या चाह,
पर दोस्तिका सालिका नागवार था, ये सुनके हैरान रह गया मै.


खामोश लब ही बाते ज्यादा करते हैं,
कहते नही कुछ भी और बहुत कुछ कह जाते हैं.

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