अपने दिलसे मेरा नाम मिटानेकि कोशिश ना कर दोस्त,
दिल टूट जाएगा, पर नाम ना मिट पाएगा .......GC
तुम्हारी आखोने गिरफ्त कर लिया हमे,
वरना हम भी कभी आझाद थे .......GC
मैं इसलीयेभी अपने प्यार का जिक्र नही करता दोस्त,
किसी और को जिंदगी जिनी हो तो मेरी उम्र ले ले .......GC
वो आदतसे मजबूर थे, और मैं अपनी फ़ितरतसे,
वो इन्कार करते रहे, और मैं मुहोब्बत करता रहा उनके इन्कारसे ........GC
अब निंद भी धोखा देने लगी है दोस्त,
आती भी तब है जब उसकी याद सताने लगे .......GC
हमसे मुहोब्बत नही तो नफरत हि सही दोस्त,
बस याद करते रहना, येही काफी है ......GC
बेवफा होना इतना आसां होता दोस्त,
तो आज हम भी तेरे शहर मे होते ......GC
तेरे चेहेरे पे इतनी सुर्खीया क्यो हैं,
उम्र बढ गयी, या दिवाने कम हुए ......GC
मेरी निंदे चुराली उसने दोस्त,
और कहते हो के अब, चैनसे सो जाओ ......GC
तुम कहते हो कि सरेआम बातें ना कर मेरी,
पर क्या तुम अपनी फ़ितरतसे वाकीफ नही .......GC
वादा करना कोई तुमसे सिखले दोस्त,
ना निभाने कि जरुरत, ना टुटने का गम ........GC
No comments:
Post a Comment